धम्म केतु विपश्यना केंद्रथनौद · दुर्ग · छत्तीसगढ़ English
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स

धम्म केतु
विपश्यना केंद्र

आत्म-निरीक्षण द्वारा आत्म-शुद्धि की साधना — सयाजी ऊ बा खिन की परंपरा में सत्यनारायण गोयन्काजी द्वारा सिखायी गयी विपश्यना। 10 दिवसीय निःशुल्क आवासीय शिविर।

स्वागत है

धम्म केतु — शांति की ओर एक कदम

विपश्यना भारत की अत्यंत पुरातन ध्यान-विधि है, जिसे लगभग 2500 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध ने पुनः खोजा। यह मन को निर्मल करने की एक सार्वजनीन, असांप्रदायिक विधि है।

दुर्ग ज़िले के शांत ग्राम थनौद में स्थित धम्म केतु में वर्ष भर 10 दिवसीय, सतिपट्ठान, एक दिवसीय और बच्चों के शिविर लगते हैं। शिविर पूर्णतः निःशुल्क हैं — रहने और भोजन का खर्च भी पुराने साधकों के स्वैच्छिक दान से चलता है।

1969भारत में पहला शिविर (मुंबई)
200+विश्व भर में केंद्र
₹0शिविर शुल्क
केंद्र का इतिहास →
धम्मकेतु विपश्यना केंद्र — शील, समाधि, प्रज्ञा
10दिन का आर्य मौन, स्वयं को जानने के लिए
आगामी शिविर

अगले शिविर में आवेदन करें

आवेदन केवल ऑनलाइन होता है। किसी शिविर पर क्लिक करें — शिविर कार्यक्रम पेज खुलेगा, वहीं से आवेदन करें।

सूची 28 अक्टू 2026 की है — नवीनतम तारीखें और आवेदन शिविर कार्यक्रम पर देखें।

शिविरों के प्रकार

हर साधक के लिए शिविर

10

10 दिवसीय शिविर

विपश्यना सीखने का आधार। नए साधक इसी से शुरुआत करते हैं। पूरे 10 दिन आर्य मौन।

नए और पुराने साधक
8

सतिपट्ठान सुत्त शिविर

सतिपट्ठान सुत्त के अध्ययन के साथ गहन साधना।

पुराने साधक
1

1 दिवसीय शिविर

अभ्यास को ताज़ा और मज़बूत करने के लिए एक दिन।

केवल पुराने साधक
3

बच्चों के शिविर

आनापान साधना — एकाग्रता और अच्छे संस्कारों के लिए। 1 और 3 दिवसीय।

8–15 वर्ष
☸

किशोर शिविर

किशोरों के लिए विशेष आनापान शिविर।

किशोर
🙏

धम्म सेवा

शिविरों में सेवा देकर अपनी पारमी बढ़ाएँ।

पुराने साधक
वीडियो

विपश्यना को जानें

सुख-शांति का मार्ग — पूज्य गोयन्का जी के शब्दों में विपश्यना का परिचय। शिविर में आने से पहले अवश्य देखें।

सभी आधिकारिक वीडियो →
सुख-शांति का मार्ग: विपश्यना का सार्वभौमिक विज्ञान — पूज्य गोयन्का जी का मार्गदर्शन
दैनिक कार्यक्रम

शिविर का एक दिन

सुबह 4 बजे से रात 9:30 बजे तक — साधना, विश्राम और संध्या प्रवचन का संतुलित क्रम।

भवतु सब्ब मंगलंसबका मंगल हो
अनुशासन संहिता पढ़ें
आचार्य परंपरा

शुद्ध धर्म की परंपरा

गैलरी

केंद्र की झलकियाँ

हमसे मिलें

केंद्र तक कैसे पहुँचें

पताग्राम थनौद, वाया अंजोरा, ज़िला दुर्ग, छत्तीसगढ़ 491001
फ़ोन99077 55013 · 99813 60654
ईमेल[email protected]

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